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मंगलवार, 25 अप्रैल 2017

आकर्षण शक्ती से हासिल करे अपना मुकाम






|| प्रणाम ||

         कैसे? अपने आकर्षण शक्ती से, अपने मन भाए उस हर    पदारथ को मात्र एक छण मे अपने नाम कर सकते है जो हमे वर्षो चाहने पर भी नही मिल पा रहा था,फिर चाहे वो कोई निर्जीव वस्तू हो या कोई सजीवता सुंदर स्ञी हो | ऐसा ही रहस्यमयी तथ्य है, जिसे "आकर्षण का सिद्धांत" ( Law of Attraction) भी कहा जाता है, जिसके जरिए ना केवल आप ब्रम्हांड की उन सारी वस्तुओ को पा सकते है, बल्कि  इस मूल के सहारे आप अपने आप मे कई अंतर बदलाव ला सकते है |

          अक्सर हमे इस बात की जानकारी ही ना हो पाने पर हम इस आकर्षण के तथ्यो का उचित व्यवहार नही कर पाते, जिसके वजह से सफलता के ओर होनेपर भी हम सफल नही हो पाते | हालाकी पिछले कुछ दिनो पूर्व से ही जहा कई विवरण ऐसे सामने आए जिसके कारण इस बात की महत्ता की जान-समझ औरो से भी सांझा कर उन्हे अवगत कराना मुझे पसंदीदा लगा |  आकर्षण के इस तथ्य को हम स्व की पहचान करना भी कह सकते है जिसकी मालूमात होने पर ही व्यक्ति अपने चाह मुकाम को पा सकता है | इस नियम मे आपकी अंदर सर्वोच्च उर्जा से भरी सोच अर्थात पूर्ण सकारात्मक भाव का होना, जो कि कायनात रहे ना रहे, उसे आपको मिलना ही है | जब ऐसी सोच की स्थिती मे होते है, तो आपका दिमाग उस वाक्य सामान्य मनोवस्था से दूर एक तीर्व स्तर पर लेके जाता है, फिर वह दिमाग का स्तर आपकी उस असामान्य शक्ति (Radiation) को Space मे भेजता है, अपना कार्य करने के लिए |


इस तथ्यो को अपनाने के निम्नलिखित ५ सिद्धांत है,

+१)किसी वस्तू की असीमित चाह रखना

किसी चीज के आकर्षण प्राप्ति के लिए जरूरी है किसी चीज के लिए मन मे चाहना रखना | खैर चाहना तो ठीक है लेकिन उस वस्तू के लिए अपनी चाह को असीमित स्तर पर रखना |

एक पानी से भरा गिलास देखने पर , पहले व्यक्ति ने कहा की गिलास आधा खाली है और दूसरे ने कहा की वह आधा भरा है, शायद आपका भी निष्कर्ष दूसरे वाले से संबधित होगा, परंतू यहाँ पहला व्यक्ति ही कुछ नया कर सकता है सफल हो सकता है, क्योकि दुनिया मे कोई भी इन्सान अपने गुणो की गणना से पूर्ण नही बना, बल्कि अपनी कमियो को देखनेपर ही उसे पूरण करने मे सफल हुआ है |


+२)मन स्तर पर सकारात्मक रहे

आप जिस वस्तू के लिए चाहित है जरूरी है कि उस वस्तू के घटित होने की संभावना आपके मन मे पूरी हो | आपको हद से भी ज्यादा विश्वास हो, भले कायनात ढले या ना ढलेे लेकिन आपको ऐसा विश्वास और एहसास हो की वह बस आपकी है बस फिर वह आपकी ही है | पर इस बीच मे आपको रत्तीभर भी उसके लिए नकारात्मक भाव ना हो |

+३)आँखो के सामने लगातार आना

किसी वस्तू को चाहे दिन मे देखा जाए या रात मे, मायने यह है कि उस वस्तू का दिखना | ठीक तयानुसार आप चाहे कितने ही नकारात्मक वातावरण मे रहे या सकारात्मक वातावरण मे रहे, जरूरी है कि आपके नजरो के सामने उस वस्तू, उस ख्वाब का लगातार आते रहना है  जिसे पाने के लिए आप ललायित है |

+४) उस वस्तू की पूर्णता का आभास होना 

धीरे धीरे आपको आभास होने लगेगा की आपका वह व्खाब सच मे तबदीली ले रहा है, आप परिसर को आपको अनूकुल प्रतित करने लगेंगे, फिर बस वह पल जल्द ही साकार हो उठेगा जिसकी आपको असीम चाहना थी |


+५) आनंद से फलित हो जाना

एक एेसा पल जब आपके व्खाब को पा लेगे तब आप आनंद से भरपूर हो जाएगे, दातार मालक का शुकराना करने लगेगें, फिर आपको उस व्खाब के अतिरिक्त जरूरी वस्तूए भी मिलने लगेगा |

आकर्षण के इन तथ्य गर आपके लिए सहायक सिद्ध रहे, तो हमे , comment करके जरूर बताए|